कप्तान दीपक भूकर के तबादले की पट कथा हापुड़ स्टेशन पर लिखी गई
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): उत्तर प्रदेश के 22 आईपीएस अफसरों के तबादलों में शामिल मुजफ्फरनगर व हापुड़ के पुलिस अधीक्षक के तबादले सर्वाधिक लोगों के बीच चर्चा का विषय बने है। हापुड़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के कार्यकाल में चले लंगड़ा आपरेशन अभियान, माफियों की सम्पत्ति कुर्क करने, लूट और डकैती की घटनाओं का पर्दाफाश करने पर यह व्यापारियों, उद्यमियों, किसानों व मजदूरों के चेहते बन गए थे, फिर ऐसा क्या कारण रहा कि लोकप्रियता के बावजूद शासन ने पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को हापुड़ से हटाने का फैसला लिया।
मुजफ्फरनगर व हापुड़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर हो हटवाने की पट कथा नववर्ष के दूसरे दिन हापुड़ के रेलवे स्टेशन पर एक कमरे में लिखी गई। इस दिन एक केंद्रीय मंत्री अपने इलाके के एक भूतपूर्व विधायक के साथ लखनऊ जाने के लिए हापुड़ स्टेशन पर पहुंचे। हापुड़ स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने से पहले केंद्रीय मंत्री एक बंद कमरे में बैठे हुए हापुड़ के गिने-चुने असरदार भाजपाइयों से वार्ता कर रहे थे। किसी बात को लेकर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर का जिक्र आ गया, बातचीत का मुद्दा था कुख्यात जुआरियों व क्रिकेट सटोरियों को थाने से जमानत देने और आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई न करना। असरदार भाजपा नेता ने मंत्री जी के समक्ष यह प्रस्ताव रख दिया कि दीपक भूकर का तबादला करा दें, इसी बीच भूतपूर्व विधायक ने कहा कि मुजफ्फरनगर के कप्तान का भी जाना जरुरी है। केंद्रीय मंत्री ने झट से जेब में रखी डायरी को निकाला और दोनों पुलिस अधीक्षक के नाम नोट कर लिए। केंद्रीय मंत्री ने मुजफ्फरनगर व हापुड़ के पुलिस अधीक्षकों के नाम मुख्यमंत्री तक तबादले के लिए पहुंचा दिए। ठीक दस दिन बाद दोनों पुलिस अधीक्षकों के नाम भी तबादला सूची में दर्ज हो गए।
GPS लगाएं गाड़ी चोरी होने से बचाएं: 8979003261






























