हापुड़, सीमन/सुरेश जैन(ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि अनुसरणजी महाराज ने रविवार को देर रात सन्त निवास, जैन लोक में प्रवचन देते हुए कहा कि स्वाध्याय मनुष्य के लिए बहुत आवश्यक है। यह हमारे अन्तकरण,आत्मा को पवित्र बनाता है। स्वाध्याय पांच प्रकार का होता है। वाचना, पृछना, अनुपरेक्षा,आमनाश तथा धर्म उपदेश। वाचना का अर्थ किसी भी लेख को पढ़ना है। पृछना का अर्थ पढे हुए लेख पर प्रश्न, उत्तर करना है। स्वाध्याय मनुष्य की आध्यात्मिक खुराक है। अच्छा स्वाध्याय हमारे जीवन को सन्मार्ग की ओर ले जाता है ।जैन समाज के अध्यक्ष अनिल कुमार जैन, उपाध्यक्ष नितिन जैन, महामंत्री अशोक जैन, मंत्री विकास जैन, सुरेश चन्द्र जैन पत्रकार, बबिता जैन, अनिता जैन, वीरेन्द्र जैन, अनिल जैन आदि उपस्थित थे।
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