हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ के एस0एस0वी0 (पी0जी0) कॉलिज में शनिवार को अर्थ डे मनाया गया, जिसमें रसायन विज्ञान, भूगोल एवं गणित विभाग के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ0 मानवेन्द्र सिंह बघेल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की डीन डॉ0 नीनू अग्रवाल ने की।
डॉ0 संगीता अग्रवाल ने बताया कि ‘अर्थ डे’ की शुरूआत क्यूं हुई थी। श्री कृष्ण पाल ने बताया कि पृथ्वी को घर मानते हुए हमें जिम्मेदारी पूर्ण आचरण करना चाहिए। छात्रा अरसी सैफी तथा निकिता ने वर्षा जल संचयन के बारे में विस्तार से बताया। छात्रा चेतान्शी मिश्रा व ज्योति ने प्रदूषण के कारण होने वाली अम्लीय बारिश (एसिड रेन) से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तृत रूप से बताया। छात्रा आयशा तथा मानसी शर्मा ने आर0ओ0 के बारे में जानकारी दी तथा उससे होने वाले नुकसान को भी समझाया। भूगोल की छात्रा सैंकी त्यागी ने पानी के अत्याधिक उपयोग के कारण गिर रहे भूमिगत जल स्तर के सम्बन्ध में सभी को चेताया। छात्रा नेहा ठाकुर ने जल की महत्ता बताते हुए कहा कि जल बिन जीवन सम्भव नहीं है।
डॉ0 गजाला परवीन ने अपने शोध द्वारा महाविद्यालय, हापुड, गुलावठी तथा गढ़ आदि क्षेत्रों के भूमिगत जल के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की और बताया कि कहां- कहां का जल अधिक उपयोगी है। डॉ0 संजय भारद्वाज ने बताया कि भारतीय सभ्यता में जल को बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। डॉ0 नीनू अग्रवाल ने बताया कि प्रदूषण का सबसे बडा कारण ही मनुष्य की गतिविधियां है, ये बात कोरोना काल ने भी सिद्ध कर दी। डॉ0 स्वागता बासु ने बताया कि पृथ्वी का 75 प्रतिशत भाग जल होने के बावजूद भी उसका मात्र 1 प्रतिशत भाग की हमारे लिये उपयोगी है। डॉ0 शिव कुमार ने शायरी के माध्यम से जल की महत्ता को समझाया और अन्त में डॉ0 मानवेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि औरों को रास्ता बताने की बजाए हमें जल को संरक्षित करने की शुरूआत अपने घर से ही करनी चाहिए।
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