हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : वैसे तो हापुड़ का शायद ही कोई मार्किट व गली- मौहल्ला ऐसा बचा हो, जो अतिक्रमण से बचा हो। अतिक्रमण के कारण खुलेबाजार सिकुड़ कर गलियों में तब्दील हो गए है, जहां से पैदल निकलना दूभर हो गया है। हापुड़ के रेलवे रोड ने तो सारी हदें ही पार कर दी हैं।
हापुड़ के रेलवे रोड की कहानी भी कुछ गोल मार्किट ही तरह हैं, जहां प्रतिष्ठानों केक मालिक ठेले- खोमचे वालों से अवैध वसूली करते हैं और रोजाना प्रति ठिए से 500 रूपए तक लिए जाते हैं। पुलिस कर्मी भी डंडा हिलाते हुए चुपचाप निकल जाते हैं। रेलवे रोड, अतरपुरा चौपला पर स्थित नेहरू प्रतिभा से शुरू होकर एक कि.मी. लम्बे मार्ग पर लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिभा तक फैला है। और फ्री गंज रोड को जोड़ता है।
एक कि.मी. लम्बे मार्ग पर करीब सैकड़ों ठेले दोनों ओर लगते है। जिन पर फल, सब्जी, नमकीन, चाट-पकौडे आदि बिकते हैं। कुछ ठेले- खोमचे वाले तो द्विअर्थी संवाद बोलकर ग्राहकों को लुभाने का प्रयास करते हैं। कुछ व्यवसायी तो ऐसे हैं जो दुकान में अंदर से अधिक माल सड़क पर रख कर व्यवसाय चला रहे है। शिवपुरी, रेवती कुंज, पटेल नगर, पंजाबी कालोनी, गंगा नगर कालोनी, एम.जी. बैंकटहाल के आमने-सामने तो सड़क पूरी तरह अतिक्रमण से घिरी है। रोजाना दिन छिपने के बाद दर्जनों ठेले-खोमचे पंक्तिबध्द खड़े हो जाते हैं।
फ्रीगंज रोड भी अतिक्रमण से बुरी तरह घिरा हैं। और फास्ट फूड कार्नर तो धड़ल्ले से सड़क पर ही चल रहे हैं और टी पांइट पर बनी पुलिस पिकैट्स पर तैनात पुलिस कर्मी भी इस ओर से आँखे मूंदें है या यूं कहे कि रेलवे रोड व फ्रीगंज रोड़ पर भारी अतिक्रमण पुलिस के लिए कामधेनु साबित हो रहा है। यह अतिक्रमण लोगो के जी का जंजाल बना है। टू व्हीलर, फोर व्हीलर की तो बात ही छोड़ दीजिए इन मार्गो से पैदल भी निकलना दूभर हो रहा है। नागरिकों ने रेलवे रोड व फ्रीगंज रोड को अतिक्रमण मुक्त की मांग की है।
कम से कम ब्याज पर लोन लेने के लिए संपर्क करें: 9756129288
























