हापुड़, सीमन(ehapurnews.com): गत दो वर्ष से घड़ियाल एवं मगरमच्छों की गिनती कोरोनावायरस के कारण बाधित हो रही थी परंतु इस बार डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के तत्वावधान में यह गिनती 23 फरवरी से बिजनौर बैराज से शुरू होकर शुक्रवार को रामसर साइट में हापुड़ के बृजघाट गंगातट से प्रारंभ हुई। डब्लू डब्लू एफ से शाहनवाज खान, वन विभाग से एसडीओ गौतम सिंह, पर्यावरणविद एवं प्रांत संयोजक लोकभारती भारत भूषण गर्ग तथा गंगा सेवक मूलचंद आर्य शामिल रहे।यह यात्रा बृजघाट गेस्ट हाउस से प्रारंभ होकर स्वर्गद्वारी पुष्पावती पूठ धाम तक रही। यात्रा के इस क्रम में प्रवासी पक्षी के साथ-साथ एक स्थान पर डॉल्फिन मिली। इस गिनती को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने वाले संजीव यादव एवं शाहनवाज खान ने बताया कि यह गिनती प्रत्येक वर्ष मानसून से पूर्व एवं मानसून के पश्चात की जाती है ।डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के गंगा मित्रा एवं गणना में सहयोग करने वाले पर्यावरणविद भारत भूषण गर्ग ने बताया कि गंगा के अंदर घड़ियाल एवं मगरमच्छ का होना इस बात का सूचक होता है कि गंगा की स्वच्छता की पहरेदारी बहुत सही से हो रही है परंतु इस कार्य में गंगा के बीच लगने वाली प्लेज बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाती हैं। घड़ियाल एवं मगरमच्छों दिसंबर एवं जनवरी माह में अपने अंडे ऊंचे रेत के टीले पर देते हैं वहां प्लेज लगने के कारण से इनके अंडे नष्ट हो जाते हैं ।इस समय नर घड़ियाल बहुत ही दुर्लभ है। पूरे विश्व में इनकी संख्या मात्र 20 से 30 के बीच है। हमारी गंगा में मादा घड़ियाल 4 से 6 फीट लंबाई की उपलब्ध है परंतु नर का अभाव है जो प्लेज लगने के कारण से संकट में है क्योंकि जहां जहां मानव पहुंचता है वहां वहां प्रकृति का नुकसान होता है इस बार घड़ियाल काउंटिंग के साथ साथ ही एक डांटा इस चीज का भी तैयार किया जा रहा है कि कहां कहां गंगा में रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग करके गंगा को प्रदूषित किया जा रहा है साथ ही साथ जलीय जीव जंतुओं आकाशीय पक्षियों को नुकसान पहुंच रहा है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के साइंटिस्ट शाहनवाज खान ने बताया 2 वर्ष पूर्व की गणना में कुल 60 घड़ियाल एवं मगरमच्छ बिजनौर से नरोरा के बीच मिले थे जिनमें 20 व्यस्क थे। इस बार की घड़ियाल की काउंटिंग 28 फरवरी तक संपन्न होगी इसकी रिपोर्टिंग डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के हेड ऑफिस की जाएगी।
गांव छपकौली में मगरमच्छ दिखने से हड़कंप
🔊 Listen to this हापुड़, सीमन/संजय कश्यप (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव छपकौली में विशालकाय मगरमच्छ दिखने से हड़कंप मच गया। मामले में हापुड़ के फारेस्ट रेंजर…
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