हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : रुक-रुककर हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेवर के खादर इलाके जलमग्न हो गए हैं। चारों ओर पानी-पानी ही पानी नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि बीमारियों का खतरा पनपने लगा है। ग्रामीणों को जानवरों के लिए चारा लेने के लिए छह किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। मैदानी इलाकों के साथ-साथ उत्तराखंड के पहाड़ों पर हो रही जोरदार बारिश से पिछले पांच दिन में गंगा के जलस्तर में चालीस सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई थी जिससे गंगा में ऊफान आने से शुक्रवार को येलो अलर्ट का 198.73 मीटर वाला निशान महज पांच सेंटीमीटर दूर रह गया था।
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शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार की देर शाम तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में दिनभर चमकदार धूप निकली रही और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश कम हुई जिससे जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की गिरावट होने से गंगा का उफान थम गया है। लेकिन शनिवार की दोपहर में बिजनौर बैराज से एक लाख आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है जिससे गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जलस्तर के इस उतार-चढ़ाव से खादर के इलाके काफी ज्यादा प्रभावित हैं। गांव में खड़ी फसल की में पानी भर गया। चारे की व्यवस्था के लिए दूर गांव में जाना पड़ रहा है।
पूरा क्षेत्र जलमग्न होने से इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों की फसल खराब होने से लाखों रुपए का नुकसान हो गया है। सड़क पर पानी आने से गांव में आवाजाही के दौरान काफी परेशानी हो रही है।
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