
रविपुष्य, सर्वार्थसिद्धि योग में अहोई व्रत पूजन 01 नवम्बर को – पं0 के0 सी0 पाण्डेय
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): संतान प्राप्ति के साथ संतान के आरोग्य व दीर्घायु के लिए किए जाने वाला अहोई अष्टमी व्रत 01 नवम्बर रविवार को रखा जाएगा भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पं0 के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि कार्तिक कृष्ण अष्टमी अर्थात अहोई प्रदोषकालीन पूजन व्रत है जिसकी पूर्णता अष्टमी तिथि प्राप्त तारों के दर्शन के बाद होता है अष्टमी तिथि 01 नवम्बर को अपरान्ह 2.51बजे से प्रारम्भ होकर 02 नवम्बर को दोपहर 1.10 तक है धर्म सिंधु अनुसार व्रतमात्रेष्टमीशुक्कपक्षेपरा कृष्णपक्षेपूर्वा तथा “कार्तिके कृष्णपक्षे अष्टमी प्रदोषे पूज्या” एवं तारा-पूजन के लिए नवमीविद्धा अष्टमी निषेध के आधार पर 01 नवम्बर को अत्यंत शुभमुहूर्त रविपुष्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग, स्थिर लग्न तथा शुभयोग में सायंकाल 5.35 बजे से परम्परानुसार अहोई माता व शिवजी का पूजन किया जाएगा पौराणिक मान्यतानुसार कार्तिक कृष्ण अष्टमी को मथुरा वृन्दावन में स्थित राधाकुंड में स्नान करने से निःसंतान को संतान प्राप्ति होती है.
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