
प्राकृतिक खेती मिशन के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
हापुड़, सीमन/अमित कुमार (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में प्राकृतिक खेती मिशन के अन्तर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें
जनपद हापुड़ के 25 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक देशी-गाय से पाँच एकड प्राकृतिक खेती का प्रावधान है। किसानो को प्रशिक्षण द्वारा प्राकृतिक खेती को बढावा देने के साथ-साथ रसायन व कीटनाशक मुक्त खेती करने पर जोर देना है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से कृषक अपनी खेती में प्राकृतिक घटक के उपयोग करके फसल उगा सकते है जिसमे देशी गाय का गोबर, गौ-मूत्र, गुड, पेड के नीचे की मिटटी और बेसन आदि घटक का उपयोग करके फसल उत्पादन के लिए एक पोषण तैयार कर सकते हैं।
कृषक तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से प्रमोद भड़के द्वारा दी गयी जानकारी में विशेष रूप से तैयार किए जाने वाले जीवामृत धनजीवामृत, बीचामृत और फसल का कीट नियंत्रण के लिए दशपर्णी अर्क, पंचगव्य, नीमास्त्र, अग्नीस्म, ब्रम्हास्त्र का प्रयोग करने पर जोर दिया। अपनी फसल को सुरक्षित करने की सलाह दी। केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डा. अरविन्द्र यादव ने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि यदि रसायन मुक्त अनाज फसल तैयार करना चाहता है तो प्राकृतिक खेती को अपनना पड़ेगा, और धरती माँ को जहरीला होने से बचा सकते है। तभी जीवन स्वस्थ और निरोगी हो सकता है।
केन्द्र के वैज्ञानिक डा. अशोक सिंह ने कहा कि, प्राकृतिक खेती की शुरुआत करने के लिए प्री- मानसून फसलो को उगाना जरूरी है और फसलों को 45 दिन के बाद जमीन के अंदर मिला देना चाहिए, जिसे जमीन की उपजाऊ फसल बढ़ती है। मृदा का स्वास्थ बेहतर होगा और फसल निरोगी होगी। इस प्रोगाम में केन्द्र के वैज्ञानिक डा. नीलम कुमारी, डा. वीरेंद्रयाल, गंगावार डा. विनिता सिंह ने भी भाग लिए और सभी ने अपने-अपने विचार साजा किये।
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