
स्कूली वाहनों को सुरक्षित बनाएं
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए, प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्कूल वाहन सुरक्षा समितियों को नियमित रूप से बैठक करने और प्रत्येक स्कूल में स्कूल परिवहन सुरक्षा समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि मोटर वाहन नियमों में स्कूली वाहनों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रावधान हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश गोमती नगर रिवर बैंक रेजिडेंट्स एसोसिएशन की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। न्यायालय ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह जिला स्कूल वाहन सुरक्षा समितियों को नियमित बैठकें करने और स्कूल परिवहन सुरक्षा समितियों के गठन व उनके कामकाज की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।
अधिकांश स्कूल वैन के पास परमिट नहीं : कोर्ट की जानकारी में आया कि स्कूल वैन के लिए नियम के तहत अभिभावक या अभिभावकों के समूह के साथ समझौता आवश्यक है। इस समझौते को स्कूल द्वारा सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना होता है, जिसके आधार पर परमिट जारी किया जाता है। परिवहन आयुक्त ने बताया कि अधिकांश स्कूल वैन के पास इस नियम के तहत आवश्यक परमिट नहीं हैं।
एक माह में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि जिला स्कूल वाहन सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें कराई जाएं और वह स्कूल परिवहन सुरक्षा समितियों के गठन तथा उनके कामकाज की निगरानी करें। जिलाधिकारियों को इन समितियों के गठन और उनके दायित्वों के निर्वहन की निगरानी करने को कहा गया है। प्रत्येक जिलाधिकारी को आदेश के अनुपालन की जानकारी एक माह में देनी होगी। इसके बाद सरकारी अधिवक्ता सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अनुपालन हलफनामा दाखिल करेंगे। कोर्ट ने मामले में सीबीएसई और आईसीएसई को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है।
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