
ओरल कैंसर में हापुड़ रेड जोन में
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): ओरल कैंसर के मामले में हापुड़ रेड जोन में पहुंच गया है, जो यह दर्शता है कि हापूड़ में लोग जमकर गुटका व तम्बाकू का सेवन करते हैं।
पश्चिमी प्रदेश का जिला हापुड़ ओरल कैंसर के मामले में प्रदेश में सबसे संवेदनशील है। यहां साहधिक 496 मरीजों में कैरस के लक्षण मिले हैं। वहीं, रायबरेली 463 मरीजों के साथ दूसरे स्थान पर है। राजधानी लखनऊ, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं व जागरूकता अधिक होने की उम्मीद की जाती है, वहां 330 मरीज मिले हैं, जो छोटे जिलों के मुकाबले कम हैं।
ओरल कैंसर का खतरा प्रदेश के कई छोटे जिलों में तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चल रहे विशेष स्क्रीनिंग के दौरान आई रिपोर्ट चौंकाने वाली है और चिंताजनक भी। तंबाकू के अधिक सेवन, जागरुकता और जांच की कमी कई छोटे जिलों में ओरल कैंसर का बड़ा खतरा बनती जा रही है। बीते दो महीनों में स्क्रीनिंग में प्रदेश के 9977 लोगों में ओरल कैंसर के लक्षण मिले हैं।
शासन के निर्देश पर कैंसर की समय पर पहचान के लिए लगाए जा रहे विशेष शिविरों में पिछले दो माह के भीतर करीब 1.85 लाख लोगों की जांच की गई। इस जांच में कुल 9977 लोग ऐसे मिले हैं जिनमें ओरल कैंसर के स्पष्ट लक्षण देखे गए हैं। इस गंभीर बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित 10 जिलों की सूची में राजधानी लखनऊ को छोड़कर बाकी सभी छोटे जिले शामिल हैं।
कैंसर के लक्षणों वाले अन्य प्रमुख जिलों में जालौन (326), अमेठी (286), महोबा (285), गोंडा (275), सहारनपुर (244) और चित्रकूट (230) शामिल है। ये आंकड़े दशति है कि ग्रामीण और अगध-शहरी क्षेत्रों में तंबाकू, गुटखा और खैनी का सेवन एक विकराल समस्या बन चुका है।
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