
रिश्वतखोर आदेश गौतम किसके लिए लेता था रिश्वत
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जिला उद्यान विभाग में कार्यरत कर्मचारी आदेश गौतम के ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के मामले में कई चौकाने वाले तथ्यों का खुलासा किया गया है।
यह थी आम शोहरत:
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने राहुल पाल की शिकायत करने पर निरीक्षक मयंक अरोड़ा ने जिला उद्यान अधिकारी हापुड़ व आसपास जाकर जांच की गई की लोक सेवक आदेश गौतम एक भ्रष्ट लोक सेवक है जिसकी आम शोहरत यह है कि वह रिश्वत लिए बिना किसी का कोई कार्य नहीं करता है। इस संतुष्टि के बाद ही रिश्वतखोर आदेश गौतम को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
किसके लिए लेता था रिश्वत:
रिश्वतखोर आदेश गौतम के ₹एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने पर यह प्रश्न खड़ा होता है कि अराजपत्रित कर्मचारी आदेश गौतम किसके लिए मोटी रकम थामने का काम करता था और इस रिश्वत में कौन-कौन साझीदारी है।
जिला उद्यान अधिकारी को भनक तक नहीं:
जिला उद्यान विभाग के कर्मचारी आदेश गौतम की जब यह शोहरत थी कि वह रिश्वत लिए बिना किसी का कार्य नहीं करता तो यह ताजुब है कि जिला उद्यान अधिकारी को रिश्वतखोर कर्मचारियों की शोहरत भनक तक नहीं थी।
जांच के बिंदु:
रिश्वतखोर आदेश गौतम की चल अचल संपत्ति की जांच। रिश्वत के पैसों में कौन-कौन है साझीदारी आदि इस सभी जांच होनी चाहिए।
भ्रष्टाचारी की हिम्मत:
भ्रष्टाचारी आदेश गौतम की नियुक्ति 1 अप्रैल 2025 को हुई और 10 माह में इतना भ्रष्टाचारी बन गया कि वह एक-एक लाख रुपए की रिश्वत थामने लगा।

























