
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): फर्जी डिग्री, मार्कशीट बेचने के धंधे में लिप्त मोनाड विश्वविद्यालय और कर्मचारियों के घर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने गुरुवार की तड़के करीब 3:00 बजे छापा मारा। जनपद हापुड़ में स्थानों पर छापेमारी हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने जाते ही दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया। आपको बता दें कि फर्जी मार्कशीट, डिग्री बेचकर अर्जित की गई संपत्ति, काले धन की जांच के साथ-साथ इसकी भी जांच की जा रही है कि ब्लैक मनी को कहां-कहां छिपाया गया?
यूनिवर्सिटी के मालिकाना हक के हस्तांतरण में हुए काले धन के लेनदेन का कहां-कहां पर निवेश किया गया? इसकी भी जांच की मांग लोगों ने उठाई है। ऐसा करना मनी लांड्रिंग के तहत एक अपराध है। जैसे-जैसे परतदार परत खुलती जाएगी। जांच में और भी कई बड़ी मछलियों के फंसने की संभावना है।
आपको बता दें कि गुरुवार को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की टीम ने पिलखुवा के अनवरपुर में स्थित मोनाड विश्वविद्यालय के कैंपस के प्रशासनिक भवन, रजिस्ट्रार कार्यालय और अकाउंट्स सेक्शन में जांच की। अधिकारियों ने सभी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क जब्त कर ली और सर्वर रूम को भी सील कर दिया। कैंपस के मुख्य द्वार पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तैनात रहा। बताया जा रहा है कि 200 से अधिक कर्मचारियों को घर भेज दिया गया। हापुड़ के अर्जुन नगर के रहने वाले सनी कश्यप, रेलवे रोड पर किराए के मकान में रहने वाले इमरान और स्वर्गा आश्रम रोड पर विपुल चौधरी के घर भी ईडी की टीम पहुंची जिन्होंने जाते ही परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला और फिर वारंट दिखाकर सर्च ऑपरेशन चलाया। घरों से कुछ नगदी, लैपटॉप, बैंक पासबुक बरामद हुए है। यह भी बता दें कि सन्नी कश्यप, इमरान और विपुल चौधरी मई में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर बाहर आए थे। यह नेटवर्क कहां तक फैला है? कौन-कौन इस धंधे में लिप्त है? किस तरह काले धन का निवेश किया गया है? इन सभी पहलूओं पर जांच की जा रही है।
चांदनी कलेक्शन लेडीज के लिए लाया है प्रीमियम आर्टिकल्स, 350 रुपए से कुर्तियां शुरू: 9997620077






























