
योगी के धनुष को भोगी नहीं तोड़ सकता
हापुड सीमन (ehapurnews.com):ग्राम विकास समिति के तत्वावधान में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फगोता की सहायतार्थ श्रीराम कथा में शुक्रवार को राम जी की बाल लीला व विवाह का उत्सव बधाई गाकर बड़े धूमधाम से मनाया गया।
बाल लीलाओं की चर्चा करते हुए महाराज जी ने कहा कि राम अपने जीवन से लोगों को जीना सिखाते हैं । राम अल्प समय में ही सारी विद्याएं प्राप्त कर लेते हैं क्योंकि वह एकाग्र होकर अपनी शिक्षा को प्राप्त करते हैं साथ ही राम स्वयं भी पढ़ते हैं और अपने भाइयों को भी पढ़ते हैं। राम ने बचपन में माता कौशल्या को अपने विश्वरूप के दर्शन करवाए। भगवान शिव और पार्वती को राम का बाल रूप अतिप्रिय है इसलिए दोनों बाल रूप की पूजा करते हैं।
राम जी के विवाह की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की धनुष यज्ञ में आये राजा धनुष को नहीं तोड़ सके केवल भगवान राम ने शिव के धनुष को तोड़कर यह संदेश दिया की एक योगी के धनुष को कोई भोगी (कामी) नहीं तोड़ सकता योगी ही तोड़ सकता है । भगवान शिव योगी होकर गृहस्थ जीवन जीते हैं और राम गृहस्थ होकर सन्यासी जीवन को जीते हैं राम बताते हैं कि जीवन को संयमित रूप से पवित्रता से जीना चाहिए।
राम जैसा पति मिले इसके लिए सीता जी ने मां पार्वती की पूजा कर वरदान प्राप्त किया था। अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान शिव पार्वती की आराधना करनी चाहिए।
सीता स्वयंवर की चर्चा करते हुए कथा व्यास जी ने कहा की भगवान परशुराम समतामूलक समरसता युक्त समाज की स्थापना करना चाहते थे इसलिए वे सबको समान दृष्टि से देखने वाले राजा जनक के यहां भगवान शिव के धनुष को रखकर गए थे। भगवान राम ने शिव धनुष को इसलिए तोड़ा क्योंकि हर युग का एक धर्म है और एक शास्त्र है और शिव धनुष सतयुग का था और राम त्रेता में पैदा हुए हम आज कलयुग में रह रहे हैं और कलयुग का जो धर्म और शास्त्र है वह संगठन ही है इसलिए पूरे हिंदू समाज को जाती और पंथ को भूल कर एक सूत्र में बंधकरक एक साथ रहना चाहिए।
सीता जी राम के गले में माल नहीं पहना पा रही थी क्योंकि भगवान राम आकाश है और माता सीता जी पृथ्वी की पुत्री है पृथ्वी कितना भी ऊंचा उठे लेकिन आकाश को नहीं छू सकती पर आकाश जब क्षितिज पर नीचे की ओर दिखाई देता है तो पृथ्वी से मिलन होता हुआ दिखाई देता है। इसी प्रकार सीता जी के आग्रह पर लक्ष्मण जी ने भगवान को झुकाया और यह बताने का प्रयत्न किया कि परमात्मा को भक्त ही झुका सकता है क्योंकि भगवान भक्त के वश में होते हैं। कथा में यजमान कुंवरपाल सिंह यशपाल सिंह बच्चन सिंह दीपक राणा अरुण सिसोदिया सत्यपाल सिंह श्यामवीर अमरपाल सिखेड़ा सुभाष पारपा थे।
एक घर हो अपना…. अब पूरा होगा सपना… संपर्क करें: 9756129288 पर


























