
“राम कथा हर और हरी के एकरूपता व लोककल्याणकारी कथा है”
हापुड़, सीमन /रियाज़ अहमद(ehapurnews.com):ग्राम विकास समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शाहपुर फगोता की सहायता से चल रही राम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास अरविंद भाई ओझा ने कहा कि राम कथा भगवान शिव के मुख से निकली अमृत कथा है और गंगा भगवान शिव की जटाओं से निकली अमृत की धारा है और दोनों ही संसार में पवित्र करती है और दोनों ही जीवन को अमृत प्रदान करती है। राम कथा भगवान शिव और विष्णु के एकरूपता की कथा है जो सकल विश्व को लोक कल्याण का संदेश देती है विश्व में अगर शांति चाहिए तो राम के जीवन का अनुसरण करना पड़ेगा।
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हीरा और कोयला एक ही स्थान पर पैदा होते हैं पर अपने अपने गुणों के कारण हीरा मुकुट की शोभा बढ़ाता और कोयला जल कर नष्ट हो जाता इसलिए परमात्मा ने हमें मनुष्य जीवन अनमोल दिया है जिसे हमें भक्ति के तराश कर हीरा बनाना चाहिए।
भगवन श्री राम ने समाज के छोटे-छोटे लोगों को गले लगाया जिससे वे जन जन के राम हो गए। राम नाम की चर्चा करते हुए कहा कि राम न तो केवल एक अहिल्या, सबरी आदि को तारा बल्कि राम के नाम ने कोटी कोटि लोगों को भवसागर से पार किया है इसलिए राम के जीवन के चरित्र का हमें अनुसरण करना चाहिए।
कथा व्यास जी ने कहा कि हमें अपने परिवार ,समाज ,धर्म व राष्ट्र की सेवा निस्वार्थ भाव से ये भगवान की सेवा ऐसा मानकर करनी चाहिए मानस में भगवान शंकर ने पार्वती जी से कहा है जो लोग निस्वार्थ सेवा और प्रेम करते है भगवान उनकी प्रशंसा स्वयं अपने मुख से करते है। यजमान किरनपाल सिंह, महेंद्र मुंशी जी, अशोक जी मिलक, अमित राणा, नेपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह रहे।
कथा में चंद्रपाल सिंह सिवाया, नरेंद्र शिशोदिया, पवन प्रधानाचार्य, सत्यपाल सिंह, जनक प्रधानाचार्य खेड़ा, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह हवलदार, मूलचंद हवलदार, ओंकार सिंह, बींटू शिशोदिया, कुंवरपाल सिंह, अशोक राणा, दीपक राणा, विकास सोम आदि उपस्थित रहे।
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