
हापुड़,सीमन/ अमित कुमार(ehapurnews.com):जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव बनखंडा में स्थित शक्तिपीठ श्री अजगर बसंती माता मंदिर पर एक सितंबर से मेले का विधि विधान द्वारा पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ हुआ। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले से जुड़ी मान्यता है कि बनखंडा में लगभग 500 वर्षों से अजगर बसंती माता शक्तिपीठ मंदिर पर मेला और दंगल होता आ रहा है। मान्यता है कि 500 वर्ष पूर्व कुचेसर रियासत में भयंकर महामारी ने कोहराम मचा दिया था। चारों तरफ मौत का तांडव होने लगा था। तभी कुचेसर रियासत के राजा ने उसी समय पंडितों द्वारा महामारी रोकने के लिए बनखडा में शक्तिपीठ चामुंडा माता मंदिर पर जनकल्याण हेतु एक महा यज्ञ का आदेश जारी किया था जिसमें गांव बनखंड़ा की पवित्र भूमि पर कुचेसर की सारी रियासत की जनता को आमंत्रित कर यज्ञ में आहुति देने के लिए इकट्ठा किया था। विशाल यज्ञ रियासत के कुलगुरु पंडित जगन्नाथ प्रसाद तिवारी द्वारा कराया गया था। यज्ञ में आहुति देने के लिए गांव की समस्त जनता के साथ एक परिवार से दो कन्याए भी शामिल हुई थी जिनके नाम अजगर और बसंती थे। यज्ञ में पूर्णाहुति के समय दोनों कन्याएं अजगर और बसंती ने हवन कुंड में अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। जैसे ही दोनों कन्याओं के शरीर में अग्नि प्रकट हो गई और देखते ही देखते दोनों कन्याओं ने हवन कुंड में समाधि लेकर परलोक को सिधार गई। दोनों कन्याओं के परमधाम जाने के कुछ समय बाद ही चारों ओर बादल छा गए और झनझनाहट वर्ष शुरू हो गई और कुछ दिनों में ही महामारी से जनता को राहत मिल गई। तब से लेकर आज तक कुचेसर रियासत क्षेत्र की और दूर-दूर से श्रद्धालु श्री अजगर बसंती माता की पुण्य स्मृति में माता मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें दूर-दूर से बहन बेटी यहां आकर पूजा अर्चना करती हैं। मान्यता है कि यहां सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मेले में बढ़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं।
































