
मुखौटा कम्पनी बना कर चैम्बर की भूमि बेची, अब मायूसी
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): दी चैम्बर आफ कामर्स हापुड़ द्वारा संचालित वायदा कारोबार का लाइसैंस समय अवधि पूर्ण होने से पहले सरेंडर करने वाले बोर्ड आफ डायरेक्टर्स अब उसको सम्पत्ति को खुर्द-बुर्द करने पर उतारु हैं।
बोर्ड ने सबसे पहले ट्रेड गारंटी फंड में जमा करीब तीन करोड़ 53 लाख रुपए को शेयर होल्डर में बांटा और फिर एक मुखौटा कम्पनी हापुड़ कमोडिटी एक्सचेंज लिमिटेड बनाई। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स शेयर होल्डर को सब्जबाग दिखाता रहा परन्तु कम्पनी ने कोई कारोबार नहीं किया। इसके बाद फिर बोर्ड ने हापुड़ कमोडिटी लिमिटेड नाम से कम्पनी बनाई। इसमें भी कोई कारोबार नहीं हुआ। ये दोनों मुखौटा कम्पनी बन गई। कम्पनी जिस उद्देश्य के लिए बनाई जाती है और वह उद्देश्य पर नहीं उतरती है, तो वह मुखौटा कम्पनी कहलाती है।
कम्पनी के बोर्ड ने भी चेम्बर की सम्पति को खुर्द-बुर्द करने बेचने का निर्णय लिया, जो टेंडर के माध्य में से बेची जा चुकी है, परंतु खरीद-बेच में पेच फंस जाने के कारण मामला अधर में लटका है। बोर्ड की कार्य प्रणाली को लेकर शेयर धारकों में रोष व्याप्त है।
कम्पनी के मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल 6 अक्टूबर 2025 तक है। असंतुष्ट शेयर होल्डर एक जुट हो रहे हैं, जो आगामी चुनाव चुनौती भरा हो सकता है। -जारी
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