
गैर संक्रामक रोगियों की खोज में चलेगा अभियान
हापुड, सूवि(ehapurnews.com):जनगणना जैसी यह कवायद 15 मार्च 2025 तक चलेगी। इस दौरान 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी महिला-पुरुषों की जांच की जाएगी, ताकि पता लगाया जा सके कि कितने लोग गैर-संक्रामक रोगों की चपेट में हैं या इसके दायरे में आ सकते हैं। अभियान आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (एएएम) और सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चलेगा।
2021 के डेटा के अनुसार, देश की कुल आबादी में 30 वर्ष और इससे अधिक उम्र वालों की संख्या 64 प्रतिशत है। इसका उददेश्य गैर-संक्रामक रोगों और तीन प्रमुख कैंसर (माउथ, ब्रेस्ट और सर्वाइकल यानी बच्चेदानी के कैंसर) का पता लगाना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। इस पहल से स्वास्थ्य सेवा की लागत कम होने की उम्मीद है। अभियान की नियत समय मॉनिटरिंग होगी। स्क्रीनिंग. उपचार और फॉलोअप डेटा रोज शाम 04 बजे तक राज्य मंत्रालय ई-कवच द्वारा दर्ज होगा।
गैर-संक्रामक रोगों के कारण भारत में 2012 से 2030 के बीच 305 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। देश में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ और आईसीएमआर के आंकडे बताते हैं कि भारत में 80 प्रतिशत से अधिक मौतों का कारण गैर-संक्रामक रोग होते हैं।
जांच करवाने के लिए 30 साल से अधिक उम्र वाले महिला-पुरुष नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच करवा सकते हैं। यह जांच निशुल्क होगी। आशा, एएनएम और फ्रंटलाइन वर्कर घर-घर भी पहुंचेंगे जिसके अन्तर्गत हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, माउथ, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के लिए
Community Based Assessment Checklist (CBAC) से जांचें की जाएंगी।
गैर-संक्रामक रोग एक से दूसरे व्यक्ति को नहीं लगते। रोग होने में लंबा समय लगता है और शुरु में लक्षण पता नहीं चलते। इलाज जीवनभर चलता है। ये समय से पहले मौत का प्रमुख कारण होते हैं।
गैर-संक्रामक रोगों से बचाव हेतु निम्न निर्देशों का पालन किया जाना आवश्यक है-
क्या करें:-संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें,तनाव को प्रबंधित करें,अपने स्वास्थ्य की निगरानी करें,पर्याप्त नींद लें,आहार में फाइबर का सेवन करें,दिनभर पर्याप्त मात्रा में जल ग्रहण करें,तेल का सेवन कम करें,समाज से जुड़े रहें।
क्या ना करें:अनावश्यक भोजन न करें,संतृप्त वसा का अत्यधिक सेवन न करें,नमक का सेवन अत्यधिक न करें,चीनी का सेवन अत्यधिक न करें,तम्बाकू सेवन एवं धुम्रपान न करें,शराब का अत्यधिक सेवन न करें,गतिहीन न रहें।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें,स्व-चिकित्सा न करें।
गैर संचारी रोगों के लिए रोकथाम ही इलाज से बेहतर है। अपने जीवन शैली में बदलाव कर इनसे बचा जा सकता है। इसकी जिम्मेदारी व्यक्ति को ही स्वयं लेने की आवश्यकता है।
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