हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): कोविड-19 के लॉकडाउन के बाद हापुड़ शहर के मुख्य बाज़ारों में प्रोपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं और उस दौरान हुए बैनामों में सरकार को करीब 20 करोड़ रुपए के राजस्व से हाथ धोना पड़ा है। सर्वाधिक बैनामें रेलवे रोड, नई शिवपुरी तथा सर्राफा बाजार में हुए हैं।
- क्या है सर्किल रेट:
सर्किल रेट का मतलब है रिजर्व वैल्यू, यानि कि किसी भी भवन का बैनामा सर्किल रेट से कम पर नहीं हो सकता, यदि बाजार भाव, सर्किल रेट से अधिक है तो बैनामा बाजार भाव पर होगा।
- सांठगांठ से होते हैं बैनामे:
रजिस्ट्री दफ्तर में कार्यरत अफसरों व कर्मचारियों तथा बिचौलियों का एक गठजोड़ शहर में कार्यरत है जो गुमराह कर सर्किल रेट पर ही बैनामे करते हैं और सरकार को चूना लगाकर रिश्वत वसूली जाती है।
- ऊंचे हैं बाजार भाव:
हापुड़ के रेलवे रोड, नई शिवपुरी तथा सर्राफा बाजार में भूमि के दाम एक लाख रुपए से तीन लाख रुपए प्रति गज तक है, परन्तु भूमि व भवनों के बैनामें सर्किल रेट पर बैनामे कर उक्त गठजोड़ ने प्रदेश सरकार को करीब बीस करोड़ रुपए की चपत लगाई है।
- बैनामों के जांच की मांग:
उपभोक्ता परिषद हापुड़ के चेयरमैन अशोक तोमर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर वर्ष 2020 में रेलवे रोड, नई शिवपुरी तथा सर्राफा बाजार में भूमि व भवनों की हुई सभी रजिस्ट्रियों की जांच की मांग की है और गठजोड़ के लिए दोषियों को दंडित करने की मांग की है। परिषद के चेयरमैन ने दावा किया है कि पूरा स्कैंडल खुलने पर करीब बीस करोड़ रुपए की चोरी का खुलासा होगा।
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