राजस्व की चोरीः सरकारी खऱीद केंद्रों को अंगूठा दिखा रही है गेहूं से लदी ट्रालियां
हापुड़, सीमन/अशोक तोमर (ehapurnews.com): हापुड़ में संचालित छोटी बड़ी आटा यूनिटों ने गेहूं के दामों में बढ़ौत्तरी करके सरकारी गेहूं खरीद को ठेस पहुंचा रहे है जिस कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं कम पहुंच रहा है। गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य 2275 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि मिल पहुंचे गेहूं 2325-2350 रुपए प्रति क्विंटल है।
हापुड़ के धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र, मेरठ रोड पर ओवर ब्रिज के नीचे, श्यामपुर ददायरा रोड तथा ततारपुर कच्चा रोड पर बने औद्योगिक क्षेत्र आदि आटा यूनिटों पर करीब रोजाना दस हजार बोरी गेहूं ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से पहुंच रहा है औऱ मंडी शुल्क राज्य सरकार को शून्य के बराबर मिल रहा है। किसान की आड़ में गेहूं का धंदा हो रहा है।
हापुड़ में गेहूं के अनेक बिचौलिए सक्रिय है, जो किसान को यह कह कर गेहूं ले रहे है कि किसान गेहूं 2325-2350 रुपए क्विंटल तक नकद भुगतान पर बिक जाएगा और सभी झंझटों से मुक्ति मिल जाएगी। किसान बिचौलियों के झांसे में आ रहा है और ये बिचौलिए दोनों तरफ से दलाली मार कर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचा रहे है उधर गेहूं का स्टाकिस्ट भी मैदान मे है।
आटा यूनियों के दरवाजे पर लगी गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों की कतार से जाहिर है कि हापुड़ मंडी में करीब 20 हजार बोरी गेहूं की आवकें हो रही, परंतु सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर आवकें शून्य के समान है। हापुड़ खपत की मंडी होने के कारण मेरठ, बुलंदशहर, अमरोहा आदि जनपदों से भी गेहूं हापुड़ पहुंच रहा है। हापुड़ की सड़कों पर गेहूं से लदी ट्रालियां रातभर सड़कों पर दौड़ती नजर आती है।
ये भी पढ़ेःमामा यादव होटल में कीड़े वाली सब्जी खिलाने का आरोप, विरोध करने पर मालिक ने ग्राहक को पीटा
मामा यादव होटल में कीड़े वाली सब्जी खिलाने का आरोप, विरोध करने पर मालिक ने ग्राहक को पीटा
सगाई, किटी पार्टी, बर्थडे के लिए बुक करें कुटुंब सेलिब्रेशन हॉल: 9759966667


























