दलित-मुस्लिम राजनीति के हापुड़ केंद्र को भेदने में जुटी भाजपा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपा के किले को ढहाने के लिए समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी पूरा दम भर रही है और पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में डटी है। मेरठ-हापुड़ संसदीय सीट पर गत तीन लोकसभा चुनाव से भाजपा का कब्जा है। भाजपा ने मौजूदा सांसद राजेंद्र अग्रवाल का टिकट काट कर रामायण सीरियल में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को चुनाव मैदान में उतारा है। सपा ने एडवोकेट भानु प्रताप व विधायक अतुल प्रधान को बदल कर अंतिम क्षण में मेरठ की भूतपूर्व महापौर सुनीता वर्मा व बसपा ने देवव्रत त्यागी को चुनाव मैदान में उतारा है। वैसे तो इस सीट पर त्रिकोणात्मक संघर्ष है, परंतु राजनीतिक दल आमने-सामने का रंग देने की कोशिश में जुटे है जिसके लिए चुनाव में जातीय समीकरण की शतरंज बिछाई जा रही है। वर्ष-2019 भाजपा करीब 5 हजार मतों से जीती थी।
मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र में जाति व वर्ग के आधार पर हो रहे सम्मेलन से यह नजर आने लगा है कि चुनाव जातिगत राजनीति की ओर मुड़ता जा रहा है और वोटों का ध्रुवीकरण हो रहा है। भाजपा के किले को भेदने की चुनौती विपक्षी दलों ने स्वीकार कर रखी है। हापुड़ में आयोजित त्यागी ब्राह्मण की पंचायत को सम्बोधित करने बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी पहुंचे थे। यदि गत चुनावों पर नजर डालें तो हापुड़ तो सदैव दलित-मुस्लिम राजनीतिक का केंद्र रहा है।
तीन प्रमुख दलों ने संसदीय क्षेत्र की पांचों विधान सभाओं में चुनाव दफ्तर खोल कर चुनाव प्रचार को गति दी है। चुनाव कार्यालयों पर चमक-धमक व दफ्तरों के निकट चल रही रसोइयों तथा चुनाव प्रचार व जनसम्पर्क के दौरान लग्जरी कारों के काफिलों, सोशल मीडिया पर प्रचार तथा अखबारों में विज्ञापन को देखकर तो ऐसा लग रहा है कि पैसा पानी की तरह खूब बहाया जा रहा है और आचार संहिता का जमकर उल्लंघन हो रहा है।
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर 26 अप्रैल को मतदान होगा और 20 लाख 530 मतदाता प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद करेंगे।
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