हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): आजकल लोगों के गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी मिलना आम बात हो गई है। पथरी मिलने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि समय पर पथरी का पता चलना और उसका उपचार होना। ऐसा भी देखा जाता है कि पित्त की थैली में पथरी होने के बावजूद भी लोग दवाओं के चक्कर में पड़ जाते हैं। झोलाछाप चिकित्सकों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे में प्रख्यात सर्जन डॉक्टर श्याम कुमार ने बताया कि यदि पित्त की थैली में किसी को पथरी है तो दवाइयां से उसका उपचार संभव नहीं है। इसका एकमात्र समाधान पित्त की थैली का निकलना है। हालांकि इसके लिए आज की तारीख में कई तकनीक हैं। वहीं डॉक्टर श्याम ने बताया कि यदि किसी की किडनी में छोटी-छोटी पथरी है तो उनका दवाइयां द्वारा उपचार संभव है। पथरी के लक्षण व उपचार को लेकर देवनंदिनी अस्पताल के चेयरमैन और जानेमाने सर्जन डॉक्टर श्याम कुमार ने ई हापुड़ न्यूज से खास बातचीत की जहां उन्होंने बताया कि लेटेस्ट तकनीक के साथ इसका उपचार आसानी से संभव है।


























