हापुड़, सीमन (ehapurnews.com):हापुड़, 27 फरवरी, 2024। क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में अपेक्षित सहयोग प्राप्त करने के लिए मंगलवार को रामा मेडिकल कॉलेज में कोर कमेटी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह ने निर्देश दिए कि ओपीडी में आने वाले रोगियों की टीबी स्क्रीनिंग और जांच बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक क्षय रोगियों की जल्दी पहचान और उपचार शुरू हो सके। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मंडलीय सलाहकार डा. रेणु डोफे, रामा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आशु शर्मा, डा. संजय सहाय और प्रोफेसर राजेंद्र सैनी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर हर तीन माह में सभी मेडिकल कॉलेजों में कोर कमेटी की बैठक और एक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) का आयोजन किया जाना आवश्यक है।
डा. राजेश सिंह ने बताया – बैठक में जांच के लिए जिला क्षय रोग केंद्र से हर माह कम से कम 250 ट्रूनेट चिप उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। इसके साथ ही सीबीनॉट जांच के लिए सैंपल जिला क्षय रोग केंद्र तक पहुंचाने के लिए एक ट्रांसपोर्टर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। डीटीओ ने कहा – 2025 तक टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरा करने के लिए हम सबको मिलकर काम करना है, सभी के सहयोग से यह संकल्प पूरा हो सकता है। टीबी और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाने में जन सामान्य भी सहयोग कर सकता है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज से मार्च माह के दौरान (विश्व क्षय रोग दिवस-24 मार्च के मौके पर) जन समुदाय के बीच जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने और क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें भावनात्मक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने बताया- बैठक में हर डिपार्टमेंट की ओपीडी में आने वाले रोगियों में से टीबी से मिलते-जुलते लक्षण वाले 10 प्रतिशत रोगियों की टीबी जांच कराने की बात कही गई। उन्होंने कहा- हर हाल में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि क्षय रोगी की जांच और उपचार के लिए उसका दाखिले का कोई शुल्क नहीं लिया जाए। बैठक में रामा मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत तैनात मेडिकल ऑफिसर डा. आरुषि कुमार, टीबीएचवी दानिश अली और लैब टेक्नीशियन आशीष सिंह भी मौजूद रहे।
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