हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ के एक व्यक्ति ने एक ट्रस्ट की भूमिका पर मालिकाना हक जताते हुए एक ट्रस्ट की करीब बीस करोड़ की जमीन को टुकड़ों में बेच डाला उत्तर प्रदेश उप लोक आयुक्त की जांच में यह खुलासा हुआ है।
जांच के दौरान ट्रस्ट की भूमि का विक्रेता जांच अधिकारी के समक्ष ट्रस्ट की भूमि के स्वामित्व का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। यह जांच लोकायुक्त ने जिला प्रशासन को सौंपी थी।
जांच में एक तथ्य यह प्रकाश में आया है कि विक्रेता ने ट्रस्ट की भूमि जिस वसीयत के आधार पर विक्रय की है, वसीयत कर्ता का भी ट्रस्ट की भूमि पर स्वामित्व का कोई साक्ष्य नहीं है। ट्रस्ट की भूमि का बैनामा करने का अधिकार न तो उसके प्रबंधक अथवा नहीं अन्य किसी व्यक्ति को प्राप्त है।
अब तक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ट्रस्ट की भूमि 650 वर्ग गज है, जबकि कब्जा करीब 850 वर्ग गज है ट्रस्ट की भूमि पर किसी भी प्रकार का कोई साक्ष्य न होने के बाद भी विक्रेताओं ने ट्रस्ट की भूमि को टुकड़ों-टुकड़ों में बेच डाला जिसकी कीमत आज 20 करोड़ आंकी जा रही है। जिस तरह जमीन के दामों में बूम आ रहा है, उससे तो यह लगता है कि अगले कुछ दिनों में ट्रस्ट की इस भूमि में उछाल आएगा।
सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जा कर बेचने व खरीदने वालों को कभी भी कार्रवाई हो सकती है और अब वह दिन दूर नहीं है जब बाबा का बुलडोजर चलेगा और विक्रेता के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा। ट्रस्ट की यह भूमि हापुड़ में गढ़ रोड पर सड़क किनारे स्थित है। पता चला है कि इस भूमि को पुनः बेचने के लिए बिचौलिए सक्रिय हैं, परंतु खरीददार नहीं मिल रहा है।
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