
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हिंदी प्रोत्साहन समिति के तत्वावधान में यहां सुभाष चंद बोस की जयंती के उपलक्ष्य में एक ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता समिति के प्रदेश अध्यक्ष डा अनिल बाजपेई ने की तथा मंच संचालन गरिमा आर्य ने किया। मुख्य अतिथि हिंदी साहित्य परिषद के अध्यक्ष महावीर वर्मा एवम सचिव प्रेम निर्मल रहे।
प्रेम निर्मल ने पढ़ा,’ मुझे खून दो लो आज़ादी, गूंज उठा जयघोष, आज़ादी के वह उन्नायक, थे सुभाष चंद बोस’।
डा अनिल बाजपेई ने पढ़ा,’ ये वतन मजहब मेरा, है मेरा ईमान, मेरे दिल पर बस लिखा, प्यारा हिंदुस्तान’!
गरिमा आर्य ने पढ़ा, ‘हम भारत देश के वासी हैं, हिंदी हमारी भाषा है, जो पतन हुआ है भारत का, हिंदी ही बची एक आशा है ‘!
डा पुष्पा गर्ग ने पढ़ा, ‘लहरों को उछलते बहुत समीप से देखा है, मैंने जिंदगी को बहुत करीब से देखा है।
डा आराधना बाजपेई ने पढ़ा , ‘नारा जय हिन्द था देश के लिए,अंधकार में मानो जल गए दिए’।
महावीर वर्मा मधुर ने पढ़ा,प्रस्तुत है एक दोहा –
दुनिया भर में हो रही ,
मोदी की जयकार ।
वैक्सीन पर रो रहे, घर के कुछ गद्दार ।
डा मंजीत सिंह अवतार ने पढ़ा,’राग,द्वेष,लोभ-मोह भावना को त्यागकर, राष्ट्र एकता का उद्घोष होना चाहिए,
रुपहले पर्दे के हीरो नही चाहिए हमें, देश को सुभाष चन्द्र बोस होना चाहिए।
सौम्या श्रीवास्तव ने पढ़ा,ज़र्रा ज़र्रा देश का,करता है उद्घोष’, नेता मेरा एक ही,है सुभाष चंद बोस!
कवि सम्मेलन बहुत सफल रहा
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